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खजुराहो स्मारकों का समूह
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खजुराहो स्मारकों का समूह
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ऐतिहासिक स्थल

खजुराहो स्मारकों का समूह

3.8 (243 रिवीव)
📍 खजुराहो, छतरपुर, मध्य प्रदेश
🧭 📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय8:00 बजे से शाम 6:00
प्रवेश शुल्क₹₹40
🌤
घूमने का सर्वोत्तम समयअक्टूबर से मार्च
समय अवधि3 से 5 घंटे
🅿️
पार्किंगउपलब्ध
👨‍👩‍👧
परिवार के लिए उपयुक्तहाँ
परिचय

खजुराहो स्मारकों का समूह

खजुराहो स्मारकों का समूह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो अपनी शानदार नागर शैली की मंदिर वास्तुकला और जटिल पत्थर की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच चंदेला वंश द्वारा बनाए गए ये मंदिर अद्भुत कारीगरी को दर्शाते हैं, जिनमें देवता, देवियाँ, दैवीय प्राणी, रोजमर्रा की जिंदगी, संगीत, नृत्य और प्रसिद्ध कामुक मूर्तियां देखने को मिलती हैं। मूल रूप से इनमें लगभग 85 मंदिर शामिल थे, जिनमें से आज लगभग 25 ही बचे हैं। खजुराहो को भारत के महानतम वास्तुशिल्प और सांस्कृतिक खजानों में से एक माना जाता है, और यह दुनिया भर से आगंतुकों, इतिहासकारों और कला प्रेमियों को आकर्षित करता है।

खजुराहो स्मारकों का समूह भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक और वास्तुकला स्थलों में से एक है। यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है, और यह मंदिर परिसर चंदेल राजाओं के द्वारा 950 से 1050 ईस्वी के बीच बनाया गया था। ये स्मारक अपनी अद्वितीय वास्तुकला, जटिल मूर्तिकला और कलात्मक उत्कृष्टता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, और इन्हें 1986 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला।

मूल रूप से, खजुराहो में लगभग 85 मंदिर फैले हुए थे। आज लगभग 25 मंदिर ही बचे हैं, जो मध्यकालीन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करते हैं। इन मंदिरों को पश्चिमी, पूर्वी और جنوبی समूहों में बांटा गया है, और हर समूह अपनी अनूठी वास्तुकला शैली और धार्मिक महत्व को दिखाता है। ये मंदिर हिंदू और जैन देवताओं को समर्पित हैं, जो क्षेत्र की धार्मिक विविधता और सहिष्णुता को दर्शाते हैं।
सबसै ज़्यादा मशहूर मंदिरों में कांदरीय महादेव मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, और चित्रगुप्त मंदिर शामिल हैं। उनकी दीवारों को हजारों मूर्तियों से सजाया गया है, जिनमें देवता, देवी, संगीतकार, नर्तक, योद्धा, जानवर और रोज़मर्रा की जिंदगी के दृश्य दर्शाए गए हैं। ये मंदिर खासतौर से अपनी कामुक मूर्तियों के लिए जाने जाते हैं, जो केवल कला का एक छोटा हिस्सा हैं लेकिन पूरी दुनिया में ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। ये नक्काशी मानव भावनाओं, आध्यात्मिक विकास और सांसारिक व दिव्य जीवन के बीच सामंजस्य का प्रतीक हैं।

मुख्यतः रेतीली पत्थर से बने ये मंदिर बेहतरीन कारीगरी और इंजीनियरिंग की सटीकता को दिखाते हैं। उनके ऊँचे शिखर, बारीक नक्काशियां, और सुसंगत लेआउट इन्हें भारतीय मंदिर वास्तुकला के मास्टरपीस बनाते हैं। ऐतिहासिक महत्व के अलावा, खजुराहो एक शांत वातावरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संग्रहालय और एक प्रसिद्ध लाइट और साउंड शो पेश करता है जो चंदेला वंश का इतिहास बताता है। सालाना खजुराहो डांस फेस्टिवल इसके सांस्कृतिक आकर्षण को और बढ़ाता है, जहां भव्य मंदिरों की पृष्ठभूमि में शास्त्रीय भारतीय नृत्य प्रदर्शित किए जाते हैं। आज भी, खजुराहो उन यात्रियों के लिए एक जरूरी गंतव्य बना हुआ है जो इतिहास, कला, वास्तुकला, आध्यात्मिकता और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखते हैं।
यहाँ क्यों जाएँ

यहाँ क्यों जाएँ खजुराहो स्मारकों का समूह?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

खजुराहो स्मारकों का समूह

🍛 स्थानीय भोजन

1

बाफला

बाफला मध्य प्रदेश का पारंपरिक व्यंजन है। गेहूं के आटे की गोलियों को पहले उबाला जाता है और फिर हल्का सेंका जाता है। इसे दाल और देसी घी के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

2

भुट्टे का कीस

यह मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध नाश्ता है। कद्दूकस किए हुए भुट्टे को दूध, मसालों, हरी मिर्च और राई के साथ पकाया जाता है। इसका स्वाद हल्का मीठा और मसालेदार होता है।

3

पोहा-जलेबी

मध्य प्रदेश का सबसे लोकप्रिय नाश्ता माना जाता है। हल्के मसालों में बना पोहा, मूंगफली और हरे धनिये के साथ परोसा जाता है। इसके साथ गर्मागर्म जलेबी खाने का स्वाद � लग ही होता है।

4

दाल बाफला

यह मध्य प्रदेश की पारंपरिक थाली का प्रमुख हिस्सा है। घी में डूबे हुए बाफले को मसालेदार दाल, चटनी और सलाद के साथ परोसा जाता है। यह पौष्टिक और पेट भरने वाला भोजन है।

5

मावा बाटी

मावा बाटी मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध मिठाई है। इसे मावा और सूखे मेवों से तैयार करके तलने के बाद चाशनी में डुबोया जाता है। इसका स्वाद बेहद स्वादिष्ट और समृद्ध होता है।

🚶

विरासत भ्रमण

ऐतिहासिक गलियों और विरासत स्थलों का भ्रमण कर अतीत को जानें। प्राचीन वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का अनुभव करें।

🏛️

प्राचीन वास्तुकला का अन्वेषण

प्राचीन इमारतों, किलों, मंदिरों और स्मारकों की भव्यता देखें। पुरानी सभ्यताओं की अद्भुत वास्तुकला और शिल्पकला को समझें।

📸

फोटोग्राफी

ऐतिहासिक स्मारकों और सुंदर दृश्यों की यादगार तस्वीरें लें। फोटोग्राफी संबंधी नियमों और प्रतिबंधित क्षेत्रों का पालन करें।

🎤

गाइडेड टूर

गाइड के साथ भ्रमण कर स्मारक का विस्तृत इतिहास जानें। विशेषज्ञ गाइड रोचक तथ्य और स्थानीय जानकारी साझा करते हैं।

📜

इतिहास जानें

स्थान के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और विरासत को जानें। महत्वपूर्ण घटनाओं, शासकों और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त करें।

🏺

संग्रहालय भ्रमण

संग्रहालय में प्राचीन वस्तुएँ, मूर्तियाँ और ऐतिहासिक संग्रह देखें। क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के बारे में गहन जानकारी प्राप्त करें।

🎭

लाइट एवं साउंड शो देखें

लाइट एवं साउंड शो के माध्यम से इतिहास को जीवंत रूप में देखें। संगीत, प्रकाश और कथावाचन के साथ ऐतिहासिक घटनाओं का आनंद लें।

🛍️

स्थानीय खरीदारी

स्थानीय बाजारों से हस्तशिल्प, स्मृति चिन्ह और पारंपरिक वस्तुएँ खरीदें। स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए यादगार वस्तुएँ साथ ले जाएँ।

🎎

सांस्कृतिक अनुभव

स्थानीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनुभव करें। यह क्षेत्र की जीवनशैली और विरासत को समझने का अवसर देता है।

🗿

आस-पास के स्मारकों का भ्रमण

आस-पास के स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करें। एक ही यात्रा में कई ऐतिहासिक आकर्षणों का आनंद लें।

यात्रा की योजना

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें खजुराहो स्मारकों का समूह.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा गाइड

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍
    विमान द्वारा :- खजुराहो हवाई अड्डा इस शहर को दिल्ली और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है।,
  • 📍
    रेल द्वारा :- खजुराहो रेलवे स्टेशन ऐसी शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है जैसे दिल्ली, कानपुर और झांसी।,
  • 📍
    सड़क द्वारा :- खजुराहो के पास नजदीकी शहरों से अच्छी सड़क संपर्क सुविधा है झांसी – लगभग 175 किमी; सतना – लगभग 120 किमी;पन्ना – लगभग 45 किमी ;नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • आगंतुकों के लिए सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से मार्च,
  • आरामदायक चलने के जूते पहनें,
  • गर्मियों में पानी सनस्क्रीन और टोपी साथ लें,
  • बेहतर ऐतिहासिक समझ के लिए स्थानीय गाइड हायर करें,
  • सुखद मौसम के लिए सुबह जल्दी या शाम को जाएँ,
  • मंदिर की विरासत का सम्मान करें और स्वच्छता बनाए रखें,
  • अधिकांश क्षेत्रों में फोटोग्राफी की अनुमति है

यहाँ क्यों जाएँ

  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल,
  • भव्य पत्थर की नक्काशी और वास्तुकला,
  • प्राचीन हिन्दू और जैन मंदिर,
  • प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव,
  • उत्कृष्ट फोटोग्राफी स्थान,
  • शांतिपूर्ण आध्यात्मिक वातावरण,
  • चंदेला वंश का समृद्ध इतिहास

विशेषताएँ

  • जटिल बलुआ पत्थर की नक्काशी,
  • आध्यात्म और कला का मिश्रण,
  • नागर शैली की मंदिर वास्तुकला,
  • यूनेस्को मान्यता,
  • शाम को लाइट और साउंड शो,
  • प्रतीकात्मक अर्थों वाले अद्वितीय कामुक मूर्तियाँ,
  • मंदिर के पृष्ठभूमि में वार्षिक शास्त्रीय नृत्य उत्सव
गतिविधियाँ

क्या करें

नज़दीकी पुरातत्व संग्रहालय जाएँ और प्राचीन अवशेष और मूर्तियाँ देखें।
खजुराहो नृत्य महोत्सव (फरवरी) में सांस्कृतिक अनुभवों का आनंद लें।
मंदिरों की सिलुएट के साथ सूर्योदय/सूर्यास्त की फोटोग्राफी का आनंद लें।
शाम को मंदिर के इतिहास को बताते हुए साउंड और लाइट शो देखें। स्थानीय बाजारों कैफे का भ्रमण करें और पैदल यात्रा करें।
वन्यजीव और प्रकृति के अनुभवों के लिए इसे पन्ना राष्ट्रीय उद्यान सफारी के साथ जोड़ें।
वर्तमान मौसम

वर्तमान मौसम

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⭐ यात्रा विश्लेषण


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🚨 मौसम चेतावनी


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⚙ सिस्टम स्थिति


🌐 कनेक्शन Checking...
📍 GPS Detecting...
⚡ API समय --
🕒 अंतिम अपडेट --
FunYatra मौसम विश्लेषण
द्वारा संचालित
स्थान

मानचित्र पर देखें

📍 खजुराहो, मध्य प्रदेश

🧭 📍 दिशा प्राप्त करें
आपका अनुभव

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अक्सर पूछे जाने वाले

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घूमने का सर्वोत्तम समय खजुराहो स्मारकों का समूह?

अक्टूबर से मार्च

खुलने का समय

8:00 बजे से शाम 6:00

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹₹40 है।

कितना समय लगता है?

3 से 5 घंटे

कैसे पहुँचें खजुराहो स्मारकों का समूह?

विमान द्वारा :- खजुराहो हवाई अड्डा इस शहर को दिल्ली और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है।,

रेल द्वारा :- खजुराहो रेलवे स्टेशन ऐसी शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है जैसे दिल्ली, कानपुर और झांसी।,

सड़क द्वारा :- खजुराहो के पास नजदीकी शहरों से अच्छी सड़क संपर्क सुविधा है झांसी – लगभग 175 किमी; सतना – लगभग 120 किमी;पन्ना – लगभग 45 किमी ;नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।

क्या जानकारी हमेशा समान रहती है?

समय, प्रवेश शुल्क, स्थानीय नियम, मौसम और उपलब्ध सुविधाएँ सप्ताहांत, त्योहारों, मौसम या स्थानीय परिस्थितियों के कारण बदल सकती हैं। यात्रा से पहले संबंधित स्थानीय स्रोत से पुष्टि करना उचित है।

अंतिम अपडेट: 05 July 2026